तनख्वाह आते ही खत्म हो जाना, एक कर्ज़ चुकाने के लिए दूसरा लेना और फ़ोन बजते ही घबराहट, ये कर्ज़ के चक्र के संकेत हैं। जानिए इसके पीछे के ग्रह और मंगलवार की किस्त, हनुमान पूजा, मसूर दान जैसे 9 सरल उपाय।
महीने की पहली तारीख आती है, तनख्वाह खाते में आती है, और कुछ ही दिनों में किस्तों में निकल जाती है। एक कर्ज़ चुकाने के लिए दूसरा लेना पड़ता है। फ़ोन बजता है तो दिल धक से रह जाता है कि कहीं कोई पैसे माँगने वाला तो नहीं। रात को बिस्तर पर लेटकर हिसाब लगाते हैं, और हिसाब कभी पूरा नहीं होता।
अगर आप इस चक्र में फँसे हैं, तो पहले यह जान लीजिए कि आप अकेले नहीं हैं, और यह चक्र टूटता है। लाल किताब में कर्ज़ को केवल पैसे की कमी नहीं, बल्कि ग्रहों के असंतुलन का संकेत माना गया है। जब ग्रह संभलते हैं और हाथ का हिसाब सुधरता है, तो कर्ज़ धीरे-धीरे उतरने लगता है।
क्या ये संकेत आपके साथ भी हैं
- कमाई ठीक है, फिर भी पैसा हाथ में नहीं टिकता
- एक कर्ज़ उतारने के लिए दूसरा कर्ज़ लेना पड़ता है
- दिया हुआ उधार वापस नहीं आता, और लिया हुआ बढ़ता जाता है
- अचानक ऐसे खर्च आ जाते हैं जिनका अंदाज़ा नहीं था
- किसी पर भरोसा करके पैसा लगाया और धोखा मिला
- घर में पैसे को लेकर बार-बार झगड़ा होता है
- कर्ज़ की बात सोचकर नींद नहीं आती
अगर इनमें से कई बातें आपकी हैं, तो नीचे के कारण और उपाय ध्यान से पढ़िए।
कर्ज़ क्यों नहीं उतरता
1. मंगल का असंतुलन। मंगल साहस और ज़मीन-जायदाद का ग्रह है, और कर्ज़ से उसका सीधा रिश्ता माना गया है। बिगड़ा मंगल इंसान को जल्दबाज़ी में पैसे के फैसले कराता है और कर्ज़ को चढ़ाता जाता है।
2. राहु के अचानक झटके। अचानक खर्च, धोखा, सट्टे या जल्दी अमीर बनने की स्कीम में पैसा फँसना राहु का काम है। इसके उपाय राहु के उपाय में विस्तार से हैं।
3. शनि का बोझ। शनि देर कराता है। किस्तें लंबी खिंचती हैं, और मेहनत का फल देर से मिलता है।
4. कुंडली के घर। छठा घर कर्ज़ का, दूसरा घर जमा धन का और बारहवाँ घर खर्च का है। इन घरों में बिगड़े ग्रह कर्ज़ का चक्र बनाते हैं। यह समझने के लिए कुंडली के 12 भाव पढ़ें।
5. पुरखों का बकाया। कई परिवारों में पीढ़ियों से पैसे की तंगी चलती है। इसके पीछे पितृ ऋण भी हो सकता है, जिसकी पहचान पितृ दोष के उपाय में दी गई है।
कर्ज़ मुक्ति के 9 सरल उपाय
1. मंगलवार को किस्त चुकाएँ। कर्ज़ चुकाने की शुरुआत मंगलवार को करें, और हो सके तो हर किस्त का कुछ हिस्सा मंगलवार को ही दें। मंगलवार को नया कर्ज़ लेने से बचें।
2. हनुमान जी की पूजा। मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें और गुड़-चने का भोग लगाकर बाँट दें। हनुमान जी मंगल को संभालते हैं।
3. ऋणमोचन मंगल स्तोत्र। कर्ज़ से छुटकारे के लिए यह स्तोत्र खास तौर पर पढ़ा जाता है। मंगलवार सुबह शांत मन से इसका पाठ करें।
4. मसूर दाल का दान। मंगलवार को लाल मसूर की दाल किसी ज़रूरतमंद या मंदिर में दान करें। लाल रंग की दाल मंगल से जुड़ी है।
5. मीठा बाँटें। मंगलवार को मंदिर में बताशे या मीठा चढ़ाकर बच्चों में बाँटें। मंगल की कड़वाहट मिठास से शांत होती है।
6. गाय को गुड़-रोटी। हफ़्ते में दो बार गाय को गुड़ के साथ रोटी खिलाएँ। यह मन को स्थिर करता है और घर में बरकत लाता है।
7. पैसे की जगह साफ़ रखें। तिजोरी या पैसे रखने की जगह साफ़ रखें और उसका दरवाज़ा उत्तर की ओर खुले। घर में टूटे बर्तन और बंद घड़ी न रखें।
8. पितरों को याद करें। अमावस्या के दिन पितरों के नाम से किसी भूखे को भोजन कराएँ। पुरखों का आशीर्वाद रुके हुए धन को रास्ता देता है।
9. हाथ का हिसाब। एक डायरी में सारे कर्ज़ लिखें: किसका, कितना, कितना ब्याज। सबसे छोटा कर्ज़ पहले खत्म करें, फिर अगला। हर मंगलवार इस सूची को देखें और जो चुका दिया उसे काट दें। उपाय ग्रह को संभालते हैं, और हिसाब हाथ को।
| उपाय |
दिन |
ग्रह |
| किस्त की शुरुआत |
मंगलवार |
मंगल |
| हनुमान चालीसा |
मंगलवार |
मंगल |
| मसूर दाल दान |
मंगलवार |
मंगल |
| गाय को गुड़-रोटी |
हफ़्ते में दो बार |
सूर्य, शुक्र |
| पितरों को भोजन |
अमावस्या |
सूर्य, गुरु |
उपाय करने के नियम
- एक समय में दो-तीन उपाय चुनें और उन्हें 43 दिन लगातार करें
- उपाय सूरज निकलने के बाद और ढलने से पहले करें
- उपाय के दिनों में नया कर्ज़ लेने से बचें
- दिखावे के खर्च, जैसे महँगे फ़ोन या कपड़े, इन दिनों रोक दें
- जिससे कर्ज़ लिया है, उससे झूठ न बोलें। थोड़ा-थोड़ा ही सही, लौटाते रहें
कर्ज़ के दिनों में ये न करें
- मंगलवार को नया कर्ज़ न लें
- सट्टे, लॉटरी या जल्दी पैसा दोगुना करने वाली स्कीम से दूर रहें
- कर्ज़ चुकाने के लिए नया कर्ज़ लेना आखिरी रास्ता रखें
- घर में पैसे को लेकर कड़वे बोल न बोलें
अंत में
कर्ज़ एक दिन में नहीं चढ़ता, और एक दिन में नहीं उतरता। पर जिस दिन आप ठान लेते हैं, उसी दिन से उसका उतरना शुरू हो जाता है। ग्रहों के उपाय मन को हिम्मत देते हैं, और डायरी का हिसाब रास्ता दिखाता है। दोनों को साथ लेकर चलिए, आज के मंगलवार से नहीं तो अगले मंगलवार से। एक दिन ऐसा ज़रूर आएगा जब डायरी की आखिरी लाइन भी कट जाएगी।